राहुकाल · तिरुपति

सोमवार, 3 नवंबर 202506:0717:44

राहु काल

1 घं. 28 मि.
07:34 –09:02

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 27 मि.
10:29 –11:56

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 27 मि.
13:23 –14:50

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:07
—
2
07:34
राहु काल
3
09:02
—
4
10:29
यमगंड
5
11:56
—
6
13:23
गुलिक काल
7
14:50
—
8
16:17
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:19 –13:06
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:38 –15:25
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:50, 4 नव॰ –03:16, 4 नव॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।15:05 –06:08, 4 नव॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

तिरुपति में 3 नवंबर 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:34–09:02, यमगण्ड 10:29–11:56, गुलिक काल 13:23–14:50; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर