राहुकाल · श्रीनगर

सोमवार, 1 सितंबर 202506:0418:57

राहु काल

1 घं. 36 मि.
07:41 –09:17

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 37 मि.
10:54 –12:31

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 37 मि.
14:07 –15:44

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:04
—
2
07:41
राहु काल
3
09:17
—
4
10:54
यमगंड
5
12:31
—
6
14:07
गुलिक काल
7
15:44
—
8
17:20
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:56 –13:48
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:31 –16:22
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:04 –19:55
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।19:55 –06:05, 2 सित॰

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

श्रीनगर में 1 सितंबर 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:41–09:17, यमगण्ड 10:54–12:31, गुलिक काल 14:07–15:44; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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