राहुकाल · श्रीनगर

मंगलवार, 4 फ़रवरी 202507:2618:04

राहु काल

1 घं. 19 मि.
15:25 –16:44

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 20 मि.
10:05 –11:25

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 20 मि.
12:45 –14:05

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:26
—
2
08:45
—
3
10:05
यमगंड
4
11:25
—
5
12:45
गुलिक काल
6
14:05
—
7
15:25
राहु काल
8
16:44
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:33 –10:16
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:24 –00:18, 5 फ़र॰
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।18:04 –19:34
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।06:55, 5 फ़र॰ –08:26, 5 फ़र॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।07:26 –21:49
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।02:31, 5 फ़र॰ –07:25, 5 फ़र॰

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

श्रीनगर में 4 फ़रवरी 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:25–16:44, यमगण्ड 10:05–11:25, गुलिक काल 12:45–14:05; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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