राहुकाल · पुणे

मंगलवार, 4 जनवरी 202807:0818:11

राहु काल

1 घं. 23 मि.
15:25 –16:48

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 23 मि.
09:53 –11:16

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 23 मि.
12:39 –14:02

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:08
—
2
08:30
—
3
09:53
यमगंड
4
11:16
—
5
12:39
गुलिक काल
6
14:02
—
7
15:25
राहु काल
8
16:48
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:20 –10:04
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:22 –00:13, 5 जन॰
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।08:49 –10:35
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।00:41, 5 जन॰ –07:08, 5 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।18:20 –07:08, 5 जन॰

पुणे के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

पुणे में 4 जनवरी 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:25–16:48, यमगण्ड 09:53–11:16, गुलिक काल 12:39–14:02; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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