राहुकाल · प्रयागराज

रविवार, 2 अप्रैल 202805:5318:20

राहु काल

1 घं. 34 मि.
16:46 –18:20

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
12:06 –13:40

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 33 मि.
15:13 –16:46

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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यमगंड
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गुलिक काल
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राहु काल

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।16:40 –17:30
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।10:37 –12:12
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।13:22 –00:45, 3 अप्रैल

प्रयागराज के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

प्रयागराज में 2 अप्रैल 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 16:46–18:20, यमगण्ड 12:06–13:40, गुलिक काल 15:13–16:46; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर