राहुकाल · प्रयागराज

शनिवार, 1 फ़रवरी 202506:4617:47

राहु काल

1 घं. 23 मि.
09:31 –10:54

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 23 मि.
13:39 –15:02

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 22 मि.
06:46 –08:08

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:46
गुलिक काल
2
08:08
—
3
09:31
राहु काल
4
10:54
—
5
12:16
—
6
13:39
यमगंड
7
15:02
—
8
16:24
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:46 –07:30
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।07:30 –08:14
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।10:11 –11:40
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।22:26 –06:45, 2 फ़र॰

प्रयागराज के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

प्रयागराज में 1 फ़रवरी 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 09:31–10:54, यमगण्ड 13:39–15:02, गुलिक काल 06:46–08:08; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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