राहुकाल · प्रयागराज

बुधवार, 4 दिसंबर 202406:3417:12

राहु काल

1 घं. 20 मि.
11:53 –13:13

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 20 मि.
07:53 –09:13

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 20 मि.
10:33 –11:53

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:34
—
2
07:53
यमगंड
3
09:13
—
4
10:33
गुलिक काल
5
11:53
राहु काल
6
13:13
—
7
14:32
—
8
15:52
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।11:32 –12:14
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:18, 5 दिस॰ –02:55, 5 दिस॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।01:03, 5 दिस॰ –06:34, 5 दिस॰

प्रयागराज के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

प्रयागराज में 4 दिसंबर 2024 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 11:53–13:13, यमगण्ड 07:53–09:13, गुलिक काल 10:33–11:53; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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