राहुकाल · नई दिल्ली

शुक्रवार, 3 नवंबर 203406:3417:35

राहु काल

1 घं. 23 मि.
10:42 –12:05

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 22 मि.
14:50 –16:12

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 22 मि.
07:57 –09:19

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:34
—
2
07:57
गुलिक काल
3
09:19
—
4
10:42
राहु काल
5
12:05
—
6
13:27
—
7
14:50
यमगंड
8
16:12
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:46 –09:30
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:27 –13:11
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।22:18 –23:55
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।09:22 –06:35, 4 नव॰

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 3 नवंबर 2034 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:42–12:05, यमगण्ड 14:50–16:12, गुलिक काल 07:57–09:19; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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