राहुकाल · नई दिल्ली

बुधवार, 4 अक्टूबर 203406:1618:04

राहु काल

1 घं. 28 मि.
12:10 –13:38

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
07:44 –09:13

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
10:41 –12:10

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:16
—
2
07:44
यमगंड
3
09:13
—
4
10:41
गुलिक काल
5
12:10
राहु काल
6
13:38
—
7
15:07
—
8
16:35
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।11:46 –12:33
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।13:28 –14:59

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2034 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 12:10–13:38, यमगण्ड 07:44–09:13, गुलिक काल 10:41–12:10; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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