राहुकाल · नई दिल्ली

गुरुवार, 3 अगस्त 203405:4419:11

राहु काल

1 घं. 41 मि.
14:08 –15:49

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 41 मि.
05:44 –07:25

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 41 मि.
09:05 –10:46

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:44
यमगंड
2
07:25
—
3
09:05
गुलिक काल
4
10:46
—
5
12:27
—
6
14:08
राहु काल
7
15:49
—
8
17:30
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:13 –11:07
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:36 –16:29
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।10:28 –12:01
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।05:44 –08:44

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 3 अगस्त 2034 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:08–15:49, यमगण्ड 05:44–07:25, गुलिक काल 09:05–10:46; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर