राहुकाल · नई दिल्ली

शुक्रवार, 3 जून 203305:2319:16

राहु काल

1 घं. 44 मि.
10:35 –12:19

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 44 मि.
15:48 –17:32

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 44 मि.
07:07 –08:51

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:23
—
2
07:07
गुलिक काल
3
08:51
—
4
10:35
राहु काल
5
12:19
—
6
14:04
—
7
15:48
यमगंड
8
17:32
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:10 –09:05
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:47 –13:43
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:50, 4 जून –03:36, 4 जून
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।05:23 –12:37
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।12:37 –05:23, 4 जून

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 3 जून 2033 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:35–12:19, यमगण्ड 15:48–17:32, गुलिक काल 07:07–08:51; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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