राहुकाल · नई दिल्ली

सोमवार, 3 अक्टूबर 201106:1518:05

राहु काल

1 घं. 28 मि.
07:44 –09:12

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
10:41 –12:10

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
13:39 –15:08

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:15
—
2
07:44
राहु काल
3
09:12
—
4
10:41
यमगंड
5
12:10
—
6
13:39
गुलिक काल
7
15:08
—
8
16:37
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:34 –13:21
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:56 –15:43
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:21, 4 अक्टू॰ –02:56, 4 अक्टू॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:15 –02:56, 4 अक्टू॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।21:02 –06:15, 4 अक्टू॰

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2011 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:44–09:12, यमगण्ड 10:41–12:10, गुलिक काल 13:39–15:08; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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