राहुकाल · नई दिल्ली

गुरुवार, 8 सितंबर 201106:0218:35

राहु काल

1 घं. 34 मि.
13:53 –15:27

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
06:02 –07:36

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
09:11 –10:45

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:02
यमगंड
2
07:36
—
3
09:11
गुलिक काल
4
10:45
—
5
12:19
—
6
13:53
राहु काल
7
15:27
—
8
17:01
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:13 –11:04
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:14 –16:05
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।06:03 –07:44
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:05, 9 सित॰ –04:47, 9 सित॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:02 –09:54

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 8 सितंबर 2011 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:53–15:27, यमगण्ड 06:02–07:36, गुलिक काल 09:11–10:45; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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