राहुकाल · नई दिल्ली

शुक्रवार, 5 अगस्त 201105:4519:10

राहु काल

1 घं. 41 मि.
10:46 –12:27

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 41 मि.
15:48 –17:29

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 41 मि.
07:25 –09:06

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:45
—
2
07:25
गुलिक काल
3
09:06
—
4
10:46
राहु काल
5
12:27
—
6
14:08
—
7
15:48
यमगंड
8
17:29
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:26 –09:19
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:54 –13:48
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।23:53 –01:23, 6 अग॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।05:40, 6 अग॰ –05:45, 6 अग॰

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 5 अगस्त 2011 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:46–12:27, यमगण्ड 15:48–17:29, गुलिक काल 07:25–09:06; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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