राहुकाल · नासिक

गुरुवार, 8 अक्टूबर 202606:2718:17

राहु काल

1 घं. 29 मि.
13:51 –15:20

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
06:27 –07:56

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
09:25 –10:54

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:27
यमगंड
2
07:56
—
3
09:25
गुलिक काल
4
10:54
—
5
12:22
—
6
13:51
राहु काल
7
15:20
—
8
16:48
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:24 –11:11
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:08 –15:55
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:33 –07:08
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।04:32, 9 अक्टू॰ –06:08, 9 अक्टू॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।22:16 –06:28, 9 अक्टू॰

नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नासिक में 8 अक्टूबर 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:51–15:20, यमगण्ड 06:27–07:56, गुलिक काल 09:25–10:54; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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