राहुकाल · लंदन

गुरुवार, 4 मई 202805:2620:30

राहु काल

1 घं. 53 मि.
14:51 –16:44

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 53 मि.
05:26 –07:19

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 53 मि.
09:12 –11:05

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:26
यमगंड
2
07:19
—
3
09:12
गुलिक काल
4
11:05
—
5
12:58
—
6
14:51
राहु काल
7
16:44
—
8
18:37
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:27 –11:27
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।16:29 –17:29
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:43 –07:12
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:08, 5 मई –04:37, 5 मई
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।20:24 –05:24, 5 मई

लंदन के समय (UTC+1:00)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

लंदन में 4 मई 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:51–16:44, यमगण्ड 05:26–07:19, गुलिक काल 09:12–11:05; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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