राहुकाल · लंदन

मंगलवार, 3 नवंबर 202606:5716:30

राहु काल

1 घं. 11 मि.
14:07 –15:18

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 11 मि.
09:21 –10:32

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 11 मि.
11:44 –12:55

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:57
—
2
08:09
—
3
09:21
यमगंड
4
10:32
—
5
11:44
गुलिक काल
6
12:55
—
7
14:07
राहु काल
8
15:18
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:52 –09:30
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।22:18 –23:16
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।10:06 –11:41
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:57, 4 नव॰ –07:33, 4 नव॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:57 –21:56
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।17:56 –05:33, 4 नव॰

लंदन के समय (UTC+0:00)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

लंदन में 3 नवंबर 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:07–15:18, यमगण्ड 09:21–10:32, गुलिक काल 11:44–12:55; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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