राहुकाल · कोच्चि

गुरुवार, 9 अप्रैल 202606:1818:35

राहु काल

1 घं. 32 मि.
13:59 –15:31

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 32 मि.
06:18 –07:50

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 32 मि.
09:22 –10:54

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:18
यमगंड
2
07:50
—
3
09:22
गुलिक काल
4
10:54
—
5
12:27
—
6
13:59
राहु काल
7
15:31
—
8
17:03
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:24 –11:13
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:19 –16:08
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।07:00 –08:48
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।19:28 –21:14
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:18 –08:48
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:18 –08:13

कोच्चि के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

कोच्चि में 9 अप्रैल 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:59–15:31, यमगण्ड 06:18–07:50, गुलिक काल 09:22–10:54; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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