राहुकाल · काठमांडू

शुक्रवार, 4 अप्रैल 202505:5118:23

राहु काल

1 घं. 34 मि.
10:33 –12:07

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
15:15 –16:49

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
07:25 –08:59

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:51
—
2
07:25
गुलिक काल
3
08:59
—
4
10:33
राहु काल
5
12:07
—
6
13:41
—
7
15:15
यमगंड
8
16:49
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:21 –09:11
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:32 –13:22
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।14:19 –15:53
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।20:28 –05:50, 5 अप्रैल

काठमांडू के समय (UTC+5:45)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

काठमांडू में 4 अप्रैल 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:33–12:07, यमगण्ड 15:15–16:49, गुलिक काल 07:25–08:59; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर