राहुकाल · काठमांडू

गुरुवार, 3 अप्रैल 202505:5218:22

राहु काल

1 घं. 34 मि.
13:41 –15:15

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
05:52 –07:26

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 33 मि.
09:00 –10:33

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:52
यमगंड
2
07:26
—
3
09:00
गुलिक काल
4
10:33
—
5
12:07
—
6
13:41
राहु काल
7
15:15
—
8
16:49
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:02 –10:52
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:02 –15:52
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।12:36 –14:08

काठमांडू के समय (UTC+5:45)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

काठमांडू में 3 अप्रैल 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:41–15:15, यमगण्ड 05:52–07:26, गुलिक काल 09:00–10:33; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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