राहुकाल · जयपुर

मंगलवार, 7 जनवरी 202507:1717:49

राहु काल

1 घं. 19 मि.
15:11 –16:30

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 19 मि.
09:55 –11:14

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 19 मि.
12:33 –13:52

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:17
—
2
08:36
—
3
09:55
यमगंड
4
11:14
—
5
12:33
गुलिक काल
6
13:52
—
7
15:11
राहु काल
8
16:30
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:24 –10:06
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:12 –00:06, 8 जन॰
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।06:28 –07:59
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।07:17 –17:50
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।17:50 –07:17, 8 जन॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

जयपुर में 7 जनवरी 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:11–16:30, यमगण्ड 09:55–11:14, गुलिक काल 12:33–13:52; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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