राहुकाल · जयपुर

सोमवार, 6 जनवरी 202507:1717:49

राहु काल

1 घं. 19 मि.
08:36 –09:55

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 19 मि.
11:14 –12:33

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 19 मि.
13:52 –15:11

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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07:17
—
2
08:36
राहु काल
3
09:55
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4
11:14
यमगंड
5
12:33
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6
13:52
गुलिक काल
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15:11
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8
16:30
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:54 –13:36
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:00 –15:42
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।06:28, 7 जन॰ –07:59, 7 जन॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।19:06 –07:17, 7 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।18:24 –05:26, 7 जन॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

जयपुर में 6 जनवरी 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:36–09:55, यमगण्ड 11:14–12:33, गुलिक काल 13:52–15:11; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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