राहुकाल · जयपुर

शुक्रवार, 3 जनवरी 202507:1617:46

राहु काल

1 घं. 18 मि.
11:13 –12:31

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 19 मि.
15:09 –16:28

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 19 मि.
08:35 –09:54

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:16
—
2
08:35
गुलिक काल
3
09:54
—
4
11:13
राहु काल
5
12:31
—
6
13:50
—
7
15:09
यमगंड
8
16:28
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:22 –10:04
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:52 –13:34
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:16, 4 जन॰ –06:48, 4 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।12:25 –23:40

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

जयपुर में 3 जनवरी 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 11:13–12:31, यमगण्ड 15:09–16:28, गुलिक काल 08:35–09:54; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर