राहुकाल · हैदराबाद

शनिवार, 4 मार्च 202806:3218:23

राहु काल

1 घं. 29 मि.
09:30 –10:59

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
13:57 –15:26

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
06:32 –08:01

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:32
गुलिक काल
2
08:01
—
3
09:30
राहु काल
4
10:59
—
5
12:28
—
6
13:57
यमगंड
7
15:26
—
8
16:55
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:32 –07:20
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।07:20 –08:07
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।12:20 –13:57
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:55, 5 मार्च –03:29, 5 मार्च
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:32 –14:32

हैदराबाद के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

हैदराबाद में 4 मार्च 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 09:30–10:59, यमगण्ड 13:57–15:26, गुलिक काल 06:32–08:01; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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