राहुकाल · शिकागो

मंगलवार, 2 सितंबर 202506:1819:22

राहु काल

1 घं. 38 मि.
16:06 –17:44

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 38 मि.
09:34 –11:12

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 38 मि.
12:50 –14:28

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:18
—
2
07:56
—
3
09:34
यमगंड
4
11:12
—
5
12:50
गुलिक काल
6
14:28
—
7
16:06
राहु काल
8
17:44
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:54 –09:47
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:45 –00:28, 3 सित॰
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।09:37 –11:21
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।21:28 –23:09
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:18 –11:21
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।05:43, 3 सित॰ –06:19, 3 सित॰

शिकागो के समय (UTC−5:00)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

शिकागो में 2 सितंबर 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 16:06–17:44, यमगण्ड 09:34–11:12, गुलिक काल 12:50–14:28; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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