राहुकाल · भुवनेश्वर

मंगलवार, 1 फ़रवरी 202806:2317:38

राहु काल

1 घं. 24 मि.
14:49 –16:13

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 24 मि.
09:12 –10:36

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 25 मि.
12:00 –13:25

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:23
—
2
07:47
—
3
09:12
यमगंड
4
10:36
—
5
12:00
गुलिक काल
6
13:25
—
7
14:49
राहु काल
8
16:13
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:38 –09:23
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।22:44 –23:35
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।20:49 –22:35
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।07:42 –06:22, 2 फ़र॰

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

भुवनेश्वर में 1 फ़रवरी 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:49–16:13, यमगण्ड 09:12–10:36, गुलिक काल 12:00–13:25; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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