राहुकाल · भुवनेश्वर

शनिवार, 1 फ़रवरी 202506:2317:38

राहु काल

1 घं. 25 मि.
09:11 –10:36

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 24 मि.
13:25 –14:49

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 24 मि.
06:23 –07:47

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:23
गुलिक काल
2
07:47
—
3
09:11
राहु काल
4
10:36
—
5
12:00
—
6
13:25
यमगंड
7
14:49
—
8
16:14
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:23 –07:08
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।07:08 –07:53
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।10:11 –11:40
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।22:26 –06:22, 2 फ़र॰

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

भुवनेश्वर में 1 फ़रवरी 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 09:11–10:36, यमगण्ड 13:25–14:49, गुलिक काल 06:23–07:47; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर