राहुकाल · भोपाल

मंगलवार, 4 फ़रवरी 202506:5918:10

राहु काल

1 घं. 24 मि.
15:22 –16:46

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 24 मि.
09:47 –11:11

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 24 मि.
12:34 –13:58

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:59
—
2
08:23
—
3
09:47
यमगंड
4
11:11
—
5
12:34
गुलिक काल
6
13:58
—
7
15:22
राहु काल
8
16:46
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:13 –09:58
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:17 –00:09, 5 फ़र॰
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।18:04 –19:34
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।06:55, 5 फ़र॰ –08:26, 5 फ़र॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:59 –21:49
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।02:31, 5 फ़र॰ –06:59, 5 फ़र॰

भोपाल के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

भोपाल में 4 फ़रवरी 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:22–16:46, यमगण्ड 09:47–11:11, गुलिक काल 12:34–13:58; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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