राहुकाल · अयोध्या

मंगलवार, 2 जनवरी 202906:5017:20

राहु काल

1 घं. 19 मि.
14:43 –16:02

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 19 मि.
09:28 –10:47

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 19 मि.
12:05 –13:24

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:50
—
2
08:09
—
3
09:28
यमगंड
4
10:47
—
5
12:05
गुलिक काल
6
13:24
—
7
14:43
राहु काल
8
16:02
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:56 –09:38
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।22:44 –23:38
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।11:32 –13:03
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।02:44, 3 जन॰ –06:50, 3 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:06, 3 जन॰ –06:50, 3 जन॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

अयोध्या में 2 जनवरी 2029 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:43–16:02, यमगण्ड 09:28–10:47, गुलिक काल 12:05–13:24; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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