राहुकाल · अयोध्या

सोमवार, 4 दिसंबर 202806:3517:08

राहु काल

1 घं. 19 मि.
07:54 –09:13

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 19 मि.
10:32 –11:51

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 19 मि.
13:11 –14:30

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:35
—
2
07:54
राहु काल
3
09:13
—
4
10:32
यमगंड
5
11:51
—
6
13:11
गुलिक काल
7
14:30
—
8
15:49
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:13 –12:55
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:19 –15:01
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:17 –06:53
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।18:29 –06:04, 5 दिस॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

अयोध्या में 4 दिसंबर 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:54–09:13, यमगण्ड 10:32–11:51, गुलिक काल 13:11–14:30; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर