राहुकाल · अयोध्या

मंगलवार, 9 अप्रैल 202405:4318:22

राहु काल

1 घं. 35 मि.
15:13 –16:48

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 35 मि.
08:53 –10:28

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 35 मि.
12:03 –13:38

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:43
—
2
07:18
—
3
08:53
यमगंड
4
10:28
—
5
12:03
गुलिक काल
6
13:38
—
7
15:13
राहु काल
8
16:48
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:15 –09:06
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।22:54 –23:40
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:30, 10 अप्रैल –02:57, 10 अप्रैल
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।05:43 –07:32
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।07:32 –05:06, 10 अप्रैल

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

अयोध्या में 9 अप्रैल 2024 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:13–16:48, यमगण्ड 08:53–10:28, गुलिक काल 12:03–13:38; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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