राहुकाल · अयोध्या

सोमवार, 4 मार्च 202406:2218:04

राहु काल

1 घं. 27 मि.
07:50 –09:17

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 28 मि.
10:45 –12:13

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 28 मि.
13:41 –15:09

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:22
—
2
07:50
राहु काल
3
09:17
—
4
10:45
यमगंड
5
12:13
—
6
13:41
गुलिक काल
7
15:09
—
8
16:36
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:36 –13:23
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:57 –15:44
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:22 –16:21
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।16:21 –06:21, 5 मार्च

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

अयोध्या में 4 मार्च 2024 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:50–09:17, यमगण्ड 10:45–12:13, गुलिक काल 13:41–15:09; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर