राहुकाल · अयोध्या

शुक्रवार, 1 मार्च 202406:2518:02

राहु काल

1 घं. 28 मि.
10:46 –12:14

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 27 मि.
15:08 –16:35

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 27 मि.
07:52 –09:19

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:25
—
2
07:52
गुलिक काल
3
09:19
—
4
10:46
राहु काल
5
12:14
—
6
13:41
—
7
15:08
यमगंड
8
16:35
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:44 –09:31
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:37 –13:23
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।18:51 –20:34

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

अयोध्या में 1 मार्च 2024 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:46–12:14, यमगण्ड 15:08–16:35, गुलिक काल 07:52–09:19; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर