राहुकाल · अयोध्या

गुरुवार, 8 फ़रवरी 202406:4317:48

राहु काल

1 घं. 23 मि.
13:39 –15:02

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 23 मि.
06:43 –08:06

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 23 मि.
09:29 –10:52

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:43
यमगंड
2
08:06
—
3
09:29
गुलिक काल
4
10:52
—
5
12:15
—
6
13:39
राहु काल
7
15:02
—
8
16:25
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:25 –11:09
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:51 –15:35
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।11:49 –13:16
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:46, 9 फ़र॰ –07:11, 9 फ़र॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।11:17 –21:43

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

अयोध्या में 8 फ़रवरी 2024 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:39–15:02, यमगण्ड 06:43–08:06, गुलिक काल 09:29–10:52; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर