पंचक रहित मुहूर्त · वाराणसी

गुरुवार, 31 अक्टूबर 202406:0517:18

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक06:05 –07:23
  • अग्नि पंचक07:23 –09:40
  • शुभ मुहूर्त09:40 –11:44
  • राज पंचक11:44 –13:29
  • शुभ मुहूर्त13:29 –15:00
  • चोर पंचक15:00 –15:53
  • शुभ मुहूर्त15:53 –18:07
  • चोर पंचक18:07 –20:04
  • शुभ मुहूर्त20:04 –22:18
  • रोग पंचक22:18 –00:35, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:35, 1 नव॰ –00:44, 1 नव॰
  • मृत्यु पंचक00:44, 1 नव॰ –02:49, 1 नव॰
  • अग्नि पंचक02:49, 1 नव॰ –05:02, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त05:02, 1 नव॰ –06:06, 1 नव॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

वाराणसी में 31 अक्टूबर 2024 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 17:18।

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