पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

शनिवार, 31 अक्टूबर 202606:0617:45

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:06 –07:12
  • चोर पंचक07:12 –07:21
  • शुभ मुहूर्त07:21 –09:33
  • रोग पंचक09:33 –11:40
  • शुभ मुहूर्त11:40 –13:33
  • मृत्यु पंचक13:33 –15:14
  • अग्नि पंचक15:14 –16:53
  • शुभ मुहूर्त16:53 –16:57
  • मृत्यु पंचक16:57 –18:41
  • अग्नि पंचक18:41 –20:43
  • शुभ मुहूर्त20:43 –22:55
  • राज पंचक22:55 –01:04, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त01:04, 1 नव॰ –03:08, 1 नव॰
  • चोर पंचक03:08, 1 नव॰ –05:10, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त05:10, 1 नव॰ –05:39, 1 नव॰
  • रोग पंचक05:39, 1 नव॰ –06:07, 1 नव॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 31 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 17:45।

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