पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

मंगलवार, 27 अक्टूबर 202606:0517:47

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक06:05 –07:02
  • अग्नि पंचक07:02 –07:36
  • शुभ मुहूर्त07:36 –09:49
  • राज पंचक09:49 –11:55
  • शुभ मुहूर्त11:55 –13:48
  • चोर पंचक13:48 –15:30
  • शुभ मुहूर्त15:30 –15:39
  • रोग पंचक15:39 –17:09
  • चोर पंचक17:09 –18:57
  • शुभ मुहूर्त18:57 –20:59
  • रोग पंचक20:59 –23:10
  • शुभ मुहूर्त23:10 –01:20, 28 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक01:20, 28 अक्टू॰ –03:23, 28 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक03:23, 28 अक्टू॰ –04:07, 28 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:07, 28 अक्टू॰ –05:25, 28 अक्टू॰
  • राज पंचक05:25, 28 अक्टू॰ –06:05, 28 अक्टू॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 27 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 17:47।

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