पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

बुधवार, 21 अक्टूबर 202606:0417:50

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • रोग पंचक06:04 –08:00
  • शुभ मुहूर्त08:00 –10:12
  • मृत्यु पंचक10:12 –12:19
  • अग्नि पंचक12:19 –14:12
  • शुभ मुहूर्त14:12 –14:12
  • राज पंचक14:12 –15:53
  • शुभ मुहूर्त15:53 –19:20
  • राज पंचक19:20 –19:47
  • शुभ मुहूर्त19:47 –21:22
  • चोर पंचक21:22 –23:34
  • शुभ मुहूर्त23:34 –01:44, 22 अक्टू॰
  • रोग पंचक01:44, 22 अक्टू॰ –03:47, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:47, 22 अक्टू॰ –05:49, 22 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक05:49, 22 अक्टू॰ –06:04, 22 अक्टू॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 21 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 17:50।

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