पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

बुधवार, 14 अक्टूबर 202606:0317:54

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • राज पंचक06:03 –06:20
  • शुभ मुहूर्त06:20 –08:28
  • चोर पंचक08:28 –10:40
  • शुभ मुहूर्त10:40 –12:47
  • रोग पंचक12:47 –14:40
  • शुभ मुहूर्त14:40 –16:21
  • मृत्यु पंचक16:21 –18:00
  • रोग पंचक18:00 –19:48
  • शुभ मुहूर्त19:48 –21:50
  • मृत्यु पंचक21:50 –00:01, 15 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक00:01, 15 अक्टू॰ –01:13, 15 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:13, 15 अक्टू॰ –02:11, 15 अक्टू॰
  • राज पंचक02:11, 15 अक्टू॰ –04:03, 15 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:03, 15 अक्टू॰ –04:14, 15 अक्टू॰
  • चोर पंचक04:14, 15 अक्टू॰ –06:03, 15 अक्टू॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 14 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:54।

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