पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 202606:0218:02

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक06:02 –07:08
  • शुभ मुहूर्त07:08 –09:15
  • राज पंचक09:15 –10:15
  • शुभ मुहूर्त10:15 –11:27
  • चोर पंचक11:27 –13:34
  • शुभ मुहूर्त13:34 –15:27
  • रोग पंचक15:27 –17:08
  • शुभ मुहूर्त17:08 –20:35
  • रोग पंचक20:35 –22:37
  • शुभ मुहूर्त22:37 –00:49, 3 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:49, 3 अक्टू॰ –02:55, 3 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक02:55, 3 अक्टू॰ –02:58, 3 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:58, 3 अक्टू॰ –05:02, 3 अक्टू॰
  • राज पंचक05:02, 3 अक्टू॰ –06:02, 3 अक्टू॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 2 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:02।

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