पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

शुक्रवार, 4 अप्रैल 202506:0618:24

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • राज पंचक06:06 –06:42
  • अग्नि पंचक06:42 –08:29
  • शुभ मुहूर्त08:29 –10:32
  • राज पंचक10:32 –12:43
  • शुभ मुहूर्त12:43 –14:53
  • चोर पंचक14:53 –16:56
  • शुभ मुहूर्त16:56 –18:58
  • रोग पंचक18:58 –20:13
  • शुभ मुहूर्त20:13 –21:05
  • मृत्यु पंचक21:05 –23:17
  • अग्नि पंचक23:17 –01:24, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:24, 5 अप्रैल –03:17, 5 अप्रैल
  • राज पंचक03:17, 5 अप्रैल –04:59, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:59, 5 अप्रैल –05:20, 5 अप्रैल
  • चोर पंचक05:20, 5 अप्रैल –06:06, 5 अप्रैल

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 4 अप्रैल 2025 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:24।

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