पंचक रहित मुहूर्त · हरिद्वार

शनिवार, 3 अक्टूबर 202606:1218:01

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:12 –07:21
  • चोर पंचक07:21 –08:00
  • शुभ मुहूर्त08:00 –09:42
  • रोग पंचक09:42 –12:01
  • शुभ मुहूर्त12:01 –14:05
  • मृत्यु पंचक14:05 –15:46
  • अग्नि पंचक15:46 –17:12
  • शुभ मुहूर्त17:12 –18:36
  • मृत्यु पंचक18:36 –20:10
  • अग्नि पंचक20:10 –22:05
  • शुभ मुहूर्त22:05 –00:20, 4 अक्टू॰
  • राज पंचक00:20, 4 अक्टू॰ –01:29, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:29, 4 अक्टू॰ –02:41, 4 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:41, 4 अक्टू॰ –05:00, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:00, 4 अक्टू॰ –05:52, 4 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:52, 4 अक्टू॰ –06:12, 4 अक्टू॰

हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

हरिद्वार में 3 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:01।

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