पंचक रहित मुहूर्त · भुवनेश्वर

शनिवार, 21 नवंबर 202605:5917:06

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:59 –06:31
  • रोग पंचक06:31 –06:50
  • शुभ मुहूर्त06:50 –07:57
  • मृत्यु पंचक07:57 –10:03
  • अग्नि पंचक10:03 –11:52
  • शुभ मुहूर्त11:52 –13:27
  • राज पंचक13:27 –15:00
  • अग्नि पंचक15:00 –16:43
  • शुभ मुहूर्त16:43 –18:42
  • राज पंचक18:42 –20:55
  • शुभ मुहूर्त20:55 –23:09
  • चोर पंचक23:09 –01:18, 22 नव॰
  • शुभ मुहूर्त01:18, 22 नव॰ –03:26, 22 नव॰
  • रोग पंचक03:26, 22 नव॰ –04:57, 22 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:57, 22 नव॰ –05:39, 22 नव॰
  • मृत्यु पंचक05:39, 22 नव॰ –05:54, 22 नव॰
  • अग्नि पंचक05:54, 22 नव॰ –06:00, 22 नव॰

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

भुवनेश्वर में 21 नवंबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 17:06।

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