पंचक रहित मुहूर्त · भुवनेश्वर

गुरुवार, 17 सितंबर 202605:3417:48

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • चोर पंचक05:34 –05:38
  • शुभ मुहूर्त05:38 –07:46
  • रोग पंचक07:46 –09:58
  • शुभ मुहूर्त09:58 –10:48
  • मृत्यु पंचक10:48 –12:13
  • अग्नि पंचक12:13 –14:19
  • शुभ मुहूर्त14:19 –16:07
  • राज पंचक16:07 –17:43
  • शुभ मुहूर्त17:43 –19:53
  • राज पंचक19:53 –20:58
  • शुभ मुहूर्त20:58 –22:58
  • चोर पंचक22:58 –01:11, 18 सित॰
  • शुभ मुहूर्त01:11, 18 सित॰ –03:25, 18 सित॰
  • रोग पंचक03:25, 18 सित॰ –05:34, 18 सित॰
  • शुभ मुहूर्त05:34, 18 सित॰ –05:35, 18 सित॰

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

भुवनेश्वर में 17 सितंबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:34, सूर्यास्त 17:48।

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