पंचक रहित मुहूर्त · भुवनेश्वर

शुक्रवार, 4 अप्रैल 202505:3818:02

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:38 –05:51
  • राज पंचक05:51 –06:11
  • अग्नि पंचक06:11 –07:54
  • शुभ मुहूर्त07:54 –09:53
  • राज पंचक09:53 –12:06
  • शुभ मुहूर्त12:06 –14:20
  • चोर पंचक14:20 –16:29
  • शुभ मुहूर्त16:29 –18:37
  • रोग पंचक18:37 –20:13
  • शुभ मुहूर्त20:13 –20:50
  • मृत्यु पंचक20:50 –23:05
  • अग्नि पंचक23:05 –01:10, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:10, 5 अप्रैल –02:59, 5 अप्रैल
  • राज पंचक02:59, 5 अप्रैल –04:34, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:34, 5 अप्रैल –05:20, 5 अप्रैल
  • चोर पंचक05:20, 5 अप्रैल –05:37, 5 अप्रैल

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

भुवनेश्वर में 4 अप्रैल 2025 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 18:02।

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