पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 202706:0918:10

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक06:09 –07:19
  • अग्नि पंचक07:19 –09:26
  • शुभ मुहूर्त09:26 –11:38
  • राज पंचक11:38 –13:45
  • शुभ मुहूर्त13:45 –15:38
  • चोर पंचक15:38 –17:20
  • शुभ मुहूर्त17:20 –20:48
  • चोर पंचक20:48 –22:50
  • शुभ मुहूर्त22:50 –00:49, 2 अक्टू॰
  • रोग पंचक00:49, 2 अक्टू॰ –01:02, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:02, 2 अक्टू॰ –03:11, 2 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक03:11, 2 अक्टू॰ –03:33, 2 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक03:33, 2 अक्टू॰ –05:14, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:14, 2 अक्टू॰ –06:09, 2 अक्टू॰

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 1 अक्टूबर 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:10।

पंचक रहित मुहूर्त — अन्य शहर