पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

मंगलवार, 17 नवंबर 202606:1917:50

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:19 –06:20
  • चोर पंचक06:20 –08:32
  • शुभ मुहूर्त08:32 –10:39
  • रोग पंचक10:39 –12:32
  • शुभ मुहूर्त12:32 –14:14
  • मृत्यु पंचक14:14 –15:54
  • रोग पंचक15:54 –17:42
  • शुभ मुहूर्त17:42 –19:45
  • मृत्यु पंचक19:45 –21:56
  • अग्नि पंचक21:56 –00:05, 18 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:05, 18 नव॰ –02:08, 18 नव॰
  • राज पंचक02:08, 18 नव॰ –04:10, 18 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:10, 18 नव॰ –04:34, 18 नव॰
  • चोर पंचक04:34, 18 नव॰ –06:05, 18 नव॰
  • शुभ मुहूर्त06:05, 18 नव॰ –06:16, 18 नव॰
  • रोग पंचक06:16, 18 नव॰ –06:19, 18 नव॰

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 17 नवंबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 17:50।

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