पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

मंगलवार, 27 अक्टूबर 202606:1217:55

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक06:12 –07:02
  • अग्नि पंचक07:02 –07:43
  • शुभ मुहूर्त07:43 –09:55
  • राज पंचक09:55 –12:02
  • शुभ मुहूर्त12:02 –13:55
  • चोर पंचक13:55 –15:37
  • शुभ मुहूर्त15:37 –15:39
  • रोग पंचक15:39 –17:17
  • चोर पंचक17:17 –19:05
  • शुभ मुहूर्त19:05 –21:07
  • रोग पंचक21:07 –23:19
  • शुभ मुहूर्त23:19 –01:28, 28 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक01:28, 28 अक्टू॰ –03:31, 28 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक03:31, 28 अक्टू॰ –04:07, 28 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:07, 28 अक्टू॰ –05:32, 28 अक्टू॰
  • राज पंचक05:32, 28 अक्टू॰ –06:12, 28 अक्टू॰

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 27 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 17:55।

पंचक रहित मुहूर्त — अन्य शहर