पंचक रहित मुहूर्त · अयोध्या

रविवार, 17 सितंबर 202805:4818:03

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • रोग पंचक05:48 –05:49
  • शुभ मुहूर्त05:49 –07:30
  • मृत्यु पंचक07:30 –08:04
  • अग्नि पंचक08:04 –10:21
  • शुभ मुहूर्त10:21 –12:39
  • राज पंचक12:39 –14:43
  • शुभ मुहूर्त14:43 –16:27
  • चोर पंचक16:27 –17:56
  • शुभ मुहूर्त17:56 –18:24
  • रोग पंचक18:24 –19:23
  • चोर पंचक19:23 –21:00
  • शुभ मुहूर्त21:00 –22:57
  • रोग पंचक22:57 –01:11, 18 सित॰
  • शुभ मुहूर्त01:11, 18 सित॰ –03:30, 18 सित॰
  • मृत्यु पंचक03:30, 18 सित॰ –03:47, 18 सित॰
  • अग्नि पंचक03:47, 18 सित॰ –05:45, 18 सित॰
  • शुभ मुहूर्त05:45, 18 सित॰ –05:48, 18 सित॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

अयोध्या में 17 सितंबर 2028 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 18:03।

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