लग्न सारणी · विजयवाड़ा

शनिवार, 31 अक्टूबर 202606:0417:37

पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • 7तुलाचर2 घं. 9 मि.05:11 –07:20
  • 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 13 मि.07:20 –09:33
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 7 मि.09:33 –11:40
  • 10मकरचर1 घं. 51 मि.11:40 –13:31
  • 11कुम्भस्थिर1 घं. 39 मि.13:31 –15:10
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 36 मि.15:10 –16:46
  • 1मेषचर1 घं. 46 मि.16:46 –18:32
  • 2वृषभस्थिर2 घं. 1 मि.18:32 –20:33
  • 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 12 मि.20:33 –22:45
  • 4कर्कचर2 घं. 11 मि.22:45 –00:56, 1 नव॰
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 6 मि.00:56, 1 नव॰ –03:02, 1 नव॰
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.03:02, 1 नव॰ –05:07, 1 नव॰
  • 7तुलाचर2 घं. 9 मि.05:07, 1 नव॰ –07:16, 1 नव॰

विजयवाड़ा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

लग्न सारणी

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर

लग्न सारणी क्या है?

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

विजयवाड़ा में 31 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?

सूर्योदय 06:04 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।

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